देहरादून: प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवान सुनील रतूड़ी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए देहरादून पुलिस ने एक कर्मी को निलंबित कर दिया है, जबकि चार अन्य को पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है। साथ ही, पूरे घटनाक्रम की जांच अब मजिस्ट्रेट स्तर पर कराए जाने का निर्णय लिया गया है।
देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के अनुसार, रायपुर थाने में हुई इस घटना के बाद शव का पोस्टमॉर्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल से कराया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट में मौत का कारण ‘फांसी’ बताया गया है। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता और परिजनों की शंकाओं को देखते हुए विसरा सुरक्षित रखकर उसे फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा जा रहा है, ताकि वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच हो सके।
यह मामला रायपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस को 112 के माध्यम से लाडपुर स्थित महादेव फ्यूल पेट्रोल पंप पर एक व्यक्ति द्वारा शराब के नशे में हंगामा करने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उक्त व्यक्ति, जो पीआरडी जवान बताया जा रहा है, को हिरासत में लेकर थाने ले आई।
बताया जा रहा है कि सुनील रतूड़ी को थाने की हवालात में रखा गया था। कुछ समय बाद जब पुलिस ने हवालात की जांच की, तो वह अचेत अवस्था में मिले। पुलिस का कहना है कि उन्होंने हवालात में उपलब्ध चादर से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।
वहीं, मृतक के परिजनों ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह मामला सिर्फ आत्महत्या का नहीं है और इसकी निष्पक्ष व गहन जांच होनी चाहिए। परिजनों और स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश भी देखने को मिला है। उनका तर्क है कि थाने के भीतर इस तरह की घटना कई गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
घटना के बाद हालात को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। डालनवाला थाने के उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार सिंह, जो विशेष ड्यूटी पर तैनात थे, पर कर्तव्य के अनुरूप आचरण न करने के आरोप लगे। इस पर एसएसपी ने उन्हें तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके अलावा संबंधित थाने के एसएचओ सहित चार पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन भेज दिया गया है।
एसएसपी ने साफ किया है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यही कारण है कि शुरुआती स्तर पर ही जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। अब मजिस्ट्रेट जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।










